पत्नी की बेरुखी से दुःखी पति ने मौत को गले लगाया; नोट में लिखा-गहने बनवाए, हर जरूरत पूरी की फिर भी मेरी नही हुई
ग़ाज़ीपुर न्यूज़ टीम, लखनऊ. लखनऊ में रिटायर दरोगा के बेटे ने सुसाइड कर लिया। वह पत्नी और ससुराल से परेशान था। गुरुवार को युवक ने घर में जहर खा लिया। परिवार के लोग उसे ट्रॉमा सेंटर ले गए। वहां इलाज के दौरान शुक्रवार को उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने बताया कि मंगल सिंह (32) दुबग्गा के बसंतकुंज में परिवार के साथ रहते थे। मंगल के पिता वीरेंद्र नाथ सिंह यूपी पुलिस से दरोगा की पोस्ट से रिटायर हुए हैं। मंगल की अलीगंज में ऑटो पार्ट्स की दुकान है।
3 साल पहले उसकी शादी रस्तोगी नगर में रहने वाली अनुराधा सिंह (चंचल) से हुई थी। चंचल 25 दिन से अपने मायके में है। दोनों में कई महीने से विवाद चल रहा था।
2 साल के जुड़वा बेटे
मंगल के बड़े भाई भूपेंद्र सिंह ने बताया- गुरुवार को माता-पिता रिश्तेदारी में चले गए। मंगल घर पर अकेला था। इसी दौरान मंगल ने जहर खा लिया। शाम 5 बजे जब माता-पिता घर पहुंचे तो वह बेसुध पड़ा था। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान मंगल की मौत हो गई।
मंगल के दो साल के जुड़वा बेटे गोविंद और गोपाल हैं। पत्नी दोनों को साथ लेकर मायके गई थी। वह फोन पर बेटों से मंगल की बात तक नहीं कराती थी। मौत के पहले भाई ने सुसाइड नोट लिखा था। यह नोट मोबाइल के नीचे बेड पर रखा था। इसमें उसने अपनी अंतिम इच्छा जाहिर की है।
सुसाइड नोट में क्या लिखा...पढ़िए
मम्मी-पापा माफ करना। मैं आप लोगों को आज छोड़ कर जा रहा हूं। मेरी पत्नी चंचल में कोई कमी नहीं थी। मेरी सास सुधा सिंह, मेरे ससुर हरिकेश सिंह और मेरे दोनो साले आलोक और अविनाश सिंह मेरी मौत के जिम्मेदार हैं।
आलोक पर खुद दहेज प्रथा का मुकदमा चल रहा है। मेरी अंतिम इच्छा यह है कि मेरे दोनों बच्चों की कस्टडी मेरे मां और बाप को दे दी जाए। अविनाश जब भी बेंगलुरु से आता था, तब मेरी बीबी को मेरे खिलाफ भड़काता था। मुझे मानसिक तनाव देती थी।
मैं पिछले कई दिनों से मानसिक तनाव में था। मैं हर तीन महीने पर अपनी पत्नी के लिए गहने बनवाता था। हर महीने SIP जमा करवाता था। होली के समय से ही अविनाश और आलोक और मेरी सास मुझे उल्टा बोलती थी। मुझे मां और बाप से अलग रहने के लिए कहती थी।
जिन मां-बाप ने बड़ा किया, मुझे खिलाया, मुझे कष्टों से बड़ा किया। अत: सरकार से प्रार्थना है कि मेरे गोविंद और गोपाल को मेरे मां-बाप को दे दिया जाए और मुझे न्याय दिलाया जाए।
10 दिन पहले पुलिस ने समझौते के लिए बुलाया था
भाई भूपेंद्र सिंह का कहना है- मंगल और चंचल में कई महीनों से विवाद चल रहा था। 10 दिन पहले पिता ने बहू और उसके मायके वालों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
गुरुवार सुबह मंगल फिर से थाने गया था। वहां इंस्पेक्टर ने पत्नी चंचल को मायके से बुलवाया। बातचीत के बाद समझौता करा दिया। इसी बात से मंगल आहत था।
पत्नी सहित 5 के खिलाफ केस दर्ज
एसीपी काकोरी शकील अहमद ने बताया- मंगल के पिता वीरेंद्र सिंह ने जो तहरीर दी थी उसी आधार पर पत्नी सहित 5 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उस आधार पर एक्शन लिया जाएगा।