Today Breaking News

गर्भवती है मुस्कान? जेल में बिगड़ी तबीयत तो डॉक्टरों ने कराया टेस्ट...सच आया सामने

ग़ाज़ीपुर न्यूज़ टीम, मेरठ. मेरठ के सौरभ हत्‍याकांड के आरोपी मुस्‍कान और उसका प्रेमी जेल में बंद हैं। जेल में साहिल मुस्कान की नशे के कारण बिगड़ती हालत को देखते हुए जेल प्रशासन ने उनका स्वास्थ जांच कराई। इस दौरान मुस्कान का प्रेगनेसी टेस्ट भी कराया गया। टेस्ट में मुस्कान का टेस्ट निगेटिव आया। नशे, डिप्रेशन व रात में नहीं सोने से मुस्कान की हालत खराब है। फिलहाल, डॉक्टर उसके स्वास्थ्य पर नजर बनाए है।
जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि साहिल व मुस्कान दोनों नशे के बुरी तरह आदी है। साहिल सूखा यानि चरस व अन्य नशा जबकि मुस्कान इंजेक्शन से भी नशा लेती है। दोनों बुरी तरह शराब पीते हैं। जेल में नशा नहीं मिलने से दोनों की हालत बिगड़ी तो उन्हें नशा मुक्ति केन्द्र में भर्ती कराया गया था. दोनों को एक दूसरे से दूर रखा गया है।

पति सौरभ का कत्ल कर लाश के 4 टुकड़े करने वाली मुस्कान जेल में रामायण सुन रही है। बैरक में एक बुजुर्ग महिला बंदी उसे रामायण सुना रही है। सोमवार को राम के जन्म की कहानी सुनते ही मुस्कान रोने लगी। उसको अपनी बेटी पीहू की याद आ रही है, परिवार के लोग उससे मिलने नहीं आए हैं।

वहीं, मंगलवार को साहिल-मुस्कान की न्यायिक हिरासत के 14 दिन पूरे हो जाएंगे। अब पुलिस उनकी रिमांड नहीं लेगी। पुलिस का कहना है कि हमारे पास हत्याकांड के पर्याप्त सबूत हैं, इसलिए रिमांड की जरूरत नहीं है। पुलिस ने रिमांड अर्जी दाखिल नहीं की है।

जेल प्रशासन के मुताबिक, जेल से ही उनकी वर्चुअल पेशी कराई जाएगी। तय है कि कोर्ट उनकी न्यायिक हिरासत को बढ़ा देगी। फिलहाल मुस्कान और साहिल जेल में ही रहेंगे। वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा का कहना है कि जेल में सुबह-शाम रामायण पाठ होता है। मुस्कान रोज सुनने जाती है।

मेरठ जिला जेल के वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया- रविवार को सांसद अरुण गोविल जेल में आए थे। उन्होंने बंदियों को रामायण दी थी। मुस्कान ने भी रामायण ली है, मगर वो रामायण पढ़ नहीं पा रही है, क्योंकि उसकी एजुकेशन क्लास-9 तक ही है। वह सामान्य हिंदी तो पढ़ लेती है लेकिन चौपाइयां नहीं पढ़ पाती है।

इसलिए वह अपनी बैरक में मौजूद एक बुजुर्ग महिला से रामायण सुन रही है। इसके अतिरिक्त, जेल में हर रोज रामायण पाठ होता है, मुस्कान वहां जाकर रामायण सुनती है। वहीं, जेल सूत्रों के अनुसार, जेल में मुस्कान को दूसरी बंदी महिला ने रामायण का बाल कांड सुनाया। इसमें जैसे ही राम जन्म की कहानी आई, उसे सुनकर मुस्कान अपनी बेटी को याद कर रोने लगी। उस महिला बंदी ने मुस्कान समझाया, चुप कराया।

19 मार्च को साहिल और मुस्कान को जेल लाया गया था। दोनों नशे की लत की वजह से परेशान थे। उनकी काउंसिलिंग तक करानी पड़ी थी, मगर अब धीरे-धीरे दोनों नशा नहीं मांग रहे हैं। ऐसा दावा जेल प्रशासन कर रहा है।

फिलहाल 14 दिन के जेल में सिर्फ शुरुआती दिनों में दोनों नशा न मिलने के कारण बेचैन हो रहे थे। उन्हें कुछ दवाइयां भी दी गई थीं। अब दोनों अपनी-अपनी बैरक में शांत दिखते हैं। मुस्कान अब सिलाई-कढ़ाई के लिए ट्रेनिंग ले रही है, जबकि साहिल खेत पर सब्जी की बुआई कर रहा है।

SP सिटी ने कहा- पर्याप्त सबूत, रिमांड की जरूरत नहीं
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने कहा कि साहिल-मुस्कान को रिमांड पर लेने की जरूरत नहीं है। हमारे पास हत्याकांड के प्रॉपर सबूत और गवाह हैं। हम बहुत जल्द चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं।

हमने घटना स्थल से लेकर शिमला यात्रा तक के सबूत जुटा लिए हैं। हत्या में इस्तेमाल किया गया वैपन भी बरामद हो चुका है। जिस पर इनके फिंगर प्रिंट हैं। कुछ सबूत जांच के लिए लैब भेजे गए हैं, उनके आते ही और स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। दरअसल, 19 मार्च को कोर्ट में पेशी के दौरान साहिल को वकीलों ने पीट दिया था। ऐसे में पुलिस अब कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है।
 
 '