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गलत इंजेक्शन लगाने से भाजपा नेत्री की मौत, बेटी बोली- मां 10 मिनट तड़पती रहीं; विरोध करने पर सिर फोड़ा

ग़ाज़ीपुर न्यूज़ टीम, कानपुर. कानपुर के एक निजी अस्पताल में भाजपा नेत्री की मौत हो गई। बेटियों का आरोप है कि पैसे कमाने के चक्कर में अस्पताल प्रबंधन ने उनकी मां को ICU में भर्ती किया। यहां कंपाउंडर ने मां को गलत इंजेक्शन लगा दिया, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई। 10 मिनट तक तड़पती रहीं, फिर दम तोड़ दिया।
इसी अस्पताल में भाजपा नेत्री को गलत इंजेक्शन लगा दिया गया। जिससे उनकी मौत हो गई
बेटियों का कहना है कि अस्पताल ने उन्हें मां की डेडबॉडी को जिंदा बताकर सौंप दिया। जब हमने विरोध किया तो अस्पताल संचालक ने स्टाफ के साथ मिलकर मारपीट और बदसलूकी की। सिर फोड़ दिया। घटना कल्याणपुर थाना क्षेत्र की है।

आवास विकास निवासी सुनीता शुक्ला (56 साल) भाजपा की वरिष्ठ नेत्री और अंतरराष्ट्रीय महिला महासभा की पदाधिकारी थीं। बुधवार को सुनीता शुक्ला के पैर में दर्द हुआ। सुबह 11 बजे उनकी दो बेटियां, तृप्ति और ऋचा उन्हें एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचीं।

बेटी ऋचा का कहना है- मेरी मां के पैर में मामूली दर्द था, लेकिन अस्पताल संचालक ने उन्हें ICU में भर्ती कर लिया। बुधवार देर रात 10:30 बजे कंपाउंडर ने मां को एक इंजेक्शन लगाया। इसके बाद मेरी मां की हालत बिगड़ गई

जब मैंने स्टाफ और अस्पताल के ऑनर से इस बारे में बात की, तो हमें धक्का देकर वार्ड से बाहर निकाल दिया। इंजेक्शन के करीब 10 मिनट बाद मेरी मां की तड़प-तड़प कर मौत हो गई।

ऋचा ने कहा- मां की मौत के बाद अस्पताल के ऑनर ने डेडबॉडी देते हुए कहा, "मां को दूसरे अस्पताल लेकर जाओ।" जब मैंने मां की नाड़ी चेक की, तो वह बंद थी। मैंने मां की मौत का कारण पूछा, तो अस्पताल के ऑनर ने गालियां देनी शुरू कर दीं।

विरोध करने पर उसने स्टाफ के साथ मिलकर मारपीट की। मेरी बहन तृप्ति के सिर पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ी। हंगामा बढ़ने पर लोगों ने पुलिस को सूचना कर दी। पुलिस ने दोनों बहनों को शांत कराया और बहन का इलाज कराया।
CCTV में अस्पताल का स्टाप महिला की बेटियों से कहासुनी करता हुआ दिख रहा है।
ऋचा शुक्ला ने बताया- एक हफ्ते पहले भाजपा सांसद ने अस्पताल का उद्घाटन किया था, लेकिन अस्पताल में ICU की अनुमति नहीं थी। इसके बावजूद अनट्रेंड स्टाफ ICU का संचालन कर रहा था।
तृप्ति ने कहा- अस्पताल के लोगों ने मेरी मां की हत्या की है।
पैसा कमाने के चक्कर में मेरी मां को ICU में भर्ती कर लिया गया, जहां अनट्रेंड स्टाफ उनका इलाज कर रहा था।

ऋचा शुक्ला ने कहा- मेरे पापा गोविंद नारायण शुक्ला का देहांत हो चुका है। घर में हम दो बहनें हैं।

महिला को हार्ट अटैक पड़ा था, मारपीट के आरोप गलत हैं
आश्रेय हॉस्पिटल के संचालक सागर शुक्ला का कहना है कि महिला को हार्ट अटैक पड़ा था। उन्हें अस्पताल में दोपहर में भर्ती कराया गया था। इनके ईसीजी और अन्य मेडिकल टेस्ट कराए गए थे। उनके परिजनों ने इच्छा जताई थी कि वो उन्हें सर्वोदय नगर स्थित अस्पताल ले जाना चाहते हैं।

परिजनों की इच्छा पर मरीज को रेफर कर दिया गया था। अस्पताल प्रबंधन ने किसी तरह की मारपीट नहीं की है। जो आरोप लगाए गए हैं वो निराधार हैं।

इस मामले में एसीपी कल्याणपुर अभिषेक पाण्डेय ने कहा कि जांच में अब तक मारपीट के कोई सबूत नहीं मिले हैं। परिजनों ने जो तहरीर दी है उसकी जांच कराई जा रही है। जल्द मामले में एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 
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