माता-पिता की डांट से रुष्ट होकर फांसी लगाई, भाई ने खिड़की से देखा शव
ग़ाज़ीपुर न्यूज़ टीम, वाराणसी. वाराणसी में रविवार की रात माता पिता की डांट से नाराज होकर एक किशोरी ने आत्मघाती कदम उठा लिया। उसने खुद को कमरे में बंद किया और फिर पंखे के कुंडे में रस्सी डालकर फांसी लगा ली। उस समय घर की दूसरी मंजिल पर कोई नहीं था और किशोरी कमरे में भी अकेली थी।
कुछ घंटे बाद जब रात को उसका भाई छत पर गया तो बहन को फंदे से लटकता पाया। शव देखकर चीखने लगा तो परिजन भी आनन फानन में ऊपर पहुंचे। इसके बाद तो घर में कोहराम मच गया। चीख पुकार सुनकर पड़ोसी भी पहुंच गए और हालात देखकर पुलिस को फोन कर सूचना दी।
जानकारी पाकर पहुंची पुलिस टीम ने सघन पड़ताल की। परिजनों से पूछताछ की तो पड़ोसियों से जानकारी भी ली। हालांकि कई घंटे की कवायद के बाद भी आत्महत्या की असली वजह सामने नहीं आ सकी। उधर, फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य और फिंगर प्रिंट भी जुटाए।
![]() |
मृत किशोरी की फाइल फोटो |
दशाश्वमेध थाना क्षेत्र के अगत्स्यकुंडा निवासी दूध कारोबारी बच्चा यादव परिवार के साथ रहते हैं। परिवार में पत्नी के अलावा उनकी दो बेटियों और एक बेटा शामिल है। इसमें राजनंदिनी सबसे बड़ी थी।
शाम के समय राजनंदिनी मंदिर में दर्शन-पूजन करने गई थी। मंदिर से लौट कर वह घर आई। इसके कुछ देर बाद मकान की दूसरी मंजिल स्थित कमरे में छोटा भाई शिव गया तो उसने देखा कि उसकी बहन पंखे के फंदे सहारे लटकी हुई थी।
उसने बताया कि बहन राजनंदिनी यादव (17) रविवार की शाम फंदा लगाकर जान दे दी। शिव चिल्लाया तो परिवार के लोग भाग कर मौके पर आए और सूचना पुलिस को दी गई। परिजनों ने बताया कि हाईस्कूल के बाद राजनंदिनी पढ़ाई छोड़ दी थी।
उधर, दशाश्वमेध थानाध्यक्ष ने बताया कि फिलहाल आत्महत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पिता की तहरीर पर पंचनामा भरा और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया है। किशोरी की आत्महत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।