गाजीपुर: धीरे-धीरे अपने स्थान पर वापस लौट रही गंगा
गाजीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर गंगा में आई बाढ़ के कारण जनपद के सैकड़ों गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। इससे तमाम लोग अपना घर-बार छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लिए हुए हैं। सोमवार की दोपहर बाद से गंगा के जलस्तर में कमी का जो क्रम शुरू हुआ, वह दूसरे दिन भी जारी रहा। मंगलवार को तीन सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से पानी घटने का क्रम बना रहा। यदि घटाव का यही रफ्तार जारी रहा तो कुछ ही दिनों में पतित पावनी पुन: अपने स्थान पर लौटते हुए पीड़ितों को राहत पहुंचाने का कार्य करेंगी।
दस दिन पहले गंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि होने का क्रम शुरु हो गया था। जलस्तर 64.450 पहुंच गया था। गंगा खतरा के निशान से एक मीटर से अधिक बहने लगी थी। जिले के करीब 12 सौ गांव में बाढ़ का पानी घुस गया था। सैकड़ों घर पानी से घिर गए। इससे लोगों को लोगों को घर-बार छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। अभी भी सैकड़ों लोग इधर-उधर के साथ ही राहत शिविरों में परिवार और मवेशियों के साथ शरण लिए हुए हैं। शहर के जिलाधिकारी आवास परिसर सहित शास्त्रीनगर, तड़बनवा, नखास, स्टीमरघाट में भी बाढ़ का पानी घुस गया था। तड़बनवा में दर्जनों घर पानी से घिर गए थे।
प्रशासन की तरफ से बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों को आने-जाने के लिए नाव की व्यवस्था कराई गई है। इसके साथ ही राहत सामग्री का वितरण भी किया जा रहा है। पीड़ित मां गंगा की दुहाई देते हुए दरवाजा से वापस जाने की विनती कर रहे थे। इसी क्रम में सोमवार से गंगा के जलस्तर में कमी होने की सिलसिला शुरु हो गया। इससे खासकर पीड़ित राहत की सास लेते हुए यह कयास लगाने लगे है कि कुछ ही दिन में मां गंगा अपने अपने स्थान पर वापस लौट आएगी और हम लोग फिर से अपने घरों में वापस जा सकेंगे।
पानी कम होने का क्रम शुरु होने से जिले के डुहिया, कासिमपुर, बहलोलपुर, मेदिनीपुर, ताड़ीघाट, कालूपुर, युवराजपुर, बवाड़ा, पटकनिया, मंझरिया, मांझा, नारी पचदेवरा, टोडरपुर, फुलवारी कला, सिधौना, कुसई, खरौना, सूरजभान चक, नुरुद्दीनपुर, अमेहता, नेवादा, बहदिया, नागरिया नाला, तेलियानी, गदनपुर, भुजाड़ी, सब्बलपुर, पाह सैय्यदराजा, देवरिया, फुल्लन राय देवरिया बाड़, गंगबरार सहित जिले के सैकड़ों बाढ़ प्रभावित गांव के लोग राहत की सांस लेने लगे हैं। लोगों में बात से खुशी व्याप्त हो गया है यदि गंगा इसी रफ्तार से घटती रही तो कुछ ही दिनों में उनकी चौखट से लौट जाएंगी। इस संबंध में केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारी हसनैन ने बताया कि तीन सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से पानी घर रहा है।